नमस्कार दोस्तों, मै राज अपनी सच्ची कहानी का दूसरा भाग लेकर आया हूं, दोस्तों पिछ्ले भाग में मैने आपको बताया था कि कैसे मैं अपनी गर्लफ्रंड रोशनी को मिलने कार से गया और बारिश के कारण मैने कार साइड में लगाकर उसको किस करनी शुरू कर दी थी।मेरा एक हाथ उसकी चूचियों पर था और वह सिसकारी लेती हुई मदहोश होती जा रही थी। मैने दूसरे हाथ से उसकी जीन्स की जिप खोल दी।
जीन्स खुलते ही दोस्तो उसकी नीली चड्डी दिखने लगी।में बता नहीं सकता दोस्तो कितनी सेक्सी लग रही थी वह, क्युकी वह एकदम गोरी थी ऊपर से नीली पैंटी उसपर और अच्छी लग रही थी। अब मैने उसकी जीन्स उतार दी अब एक गोरी भरी हुई लड़की सिर्फ नीली पैंटी में मेरे सामने थी। उसकी जांघें चमक रही थी, अब मैने उसकी जांघों को चूमना शुरू कर दिया। उसने आंखें बन्द कर लीं। धीरे धीरे मैने उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से किस करना शुरू कर दिया।अब बारी थी उसकी नाज़ुक, सुंदर , उभरी हुई, फुली सी चूत को पैंटी की कैद से आजाद करने का। तो अब मैने उसकी पैंटी भी उतार दी। दोस्तो उसकी चूत एकदम चिकनी, गोरी, डबल रोटी जैसे थी। उसको देखकर में बिलकुल पागल सा हो गया।
अब मैने उसकी टांगो को थोड़ा फैलाया और अपने होंठ उस प्यारी सी, फुली हुई चूत पर रख दिए, उसने जोर से सिसकारी मारी। मैने चूत के दाने को जीभ से चाटना शुरू कर दीया। वह पागल सी होने लगी, उसने अपने नाखून मेरे बालों में घुसाने शुरू कर दिए।
मै उसको बोलता जा रहा था रोशनी कितनी प्यारी चूत है यार तुम्हारी, इतनी मीठी चूत मुझसे छुपाकर रखी थी तुमने।
वह शर्म और मज़े के कारण कुछ बोल नहीं रही थी। बस सिसकारी ले रही थी। अब उसकी प्यारी सी चूत ने पानी छोड़ दिया था। गीली चूत में मैने अपनी एक उंगली डाल दी। वह चिल्ला पड़ी। अब उंगली मैने अंदर बाहर करना शुरु कर दिया। उसको दर्द के साथ अब मज़ा आने लगा। अब वह गान्ड उठाकर उंगली डालने का मज़ा ले रही थी। कुछ देर में मैने दूसरी उंगली को उस प्यारी फुली हुई चूत के अंदर डाल दिया। अब रोशनी आनंद के आसमान पर थी।
शेष अगले भाग में-
दोस्तो कहानी बिल्कुल सच्ची है, आपको कैसी लगी बताइएगा जरूर। साथ ही दोस्तों के साथ शेयर कीजिए।और इसी तरह की कहानी पढ़ने के लिए फ़ॉलो कीजिए। धन्यवाद
जीन्स खुलते ही दोस्तो उसकी नीली चड्डी दिखने लगी।में बता नहीं सकता दोस्तो कितनी सेक्सी लग रही थी वह, क्युकी वह एकदम गोरी थी ऊपर से नीली पैंटी उसपर और अच्छी लग रही थी। अब मैने उसकी जीन्स उतार दी अब एक गोरी भरी हुई लड़की सिर्फ नीली पैंटी में मेरे सामने थी। उसकी जांघें चमक रही थी, अब मैने उसकी जांघों को चूमना शुरू कर दिया। उसने आंखें बन्द कर लीं। धीरे धीरे मैने उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से किस करना शुरू कर दिया।अब बारी थी उसकी नाज़ुक, सुंदर , उभरी हुई, फुली सी चूत को पैंटी की कैद से आजाद करने का। तो अब मैने उसकी पैंटी भी उतार दी। दोस्तो उसकी चूत एकदम चिकनी, गोरी, डबल रोटी जैसे थी। उसको देखकर में बिलकुल पागल सा हो गया।
अब मैने उसकी टांगो को थोड़ा फैलाया और अपने होंठ उस प्यारी सी, फुली हुई चूत पर रख दिए, उसने जोर से सिसकारी मारी। मैने चूत के दाने को जीभ से चाटना शुरू कर दीया। वह पागल सी होने लगी, उसने अपने नाखून मेरे बालों में घुसाने शुरू कर दिए।
मै उसको बोलता जा रहा था रोशनी कितनी प्यारी चूत है यार तुम्हारी, इतनी मीठी चूत मुझसे छुपाकर रखी थी तुमने।
वह शर्म और मज़े के कारण कुछ बोल नहीं रही थी। बस सिसकारी ले रही थी। अब उसकी प्यारी सी चूत ने पानी छोड़ दिया था। गीली चूत में मैने अपनी एक उंगली डाल दी। वह चिल्ला पड़ी। अब उंगली मैने अंदर बाहर करना शुरु कर दिया। उसको दर्द के साथ अब मज़ा आने लगा। अब वह गान्ड उठाकर उंगली डालने का मज़ा ले रही थी। कुछ देर में मैने दूसरी उंगली को उस प्यारी फुली हुई चूत के अंदर डाल दिया। अब रोशनी आनंद के आसमान पर थी।
शेष अगले भाग में-
दोस्तो कहानी बिल्कुल सच्ची है, आपको कैसी लगी बताइएगा जरूर। साथ ही दोस्तों के साथ शेयर कीजिए।और इसी तरह की कहानी पढ़ने के लिए फ़ॉलो कीजिए। धन्यवाद
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें