नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अमित है और मै यूपी के कानपुर शहर से हूं। मेरी उम्र २७ साल है। आज इस ब्लॉग के माध्यम से मै आपके सामने अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं। दोस्तों ये मेरे पहले प्यार और पहली चुदाई की कहानी भी है। तो चलिए दोस्तों कहानी शुरू करते हैं।
दोस्तों बात उस समय की है जब मेरी उम्र १८ साल थी। मै देखने में सीधा लड़का था, दुबला , लंबा लेकिन स्मार्ट था, मेरी आदत थी कि मै सबसे जल्दी घुल मिल जाता था और मिलनसार था, हमारी कॉलोनी में आने का एक ही रास्ता था और मेरे बाजू वाला घर खाली था।बोर्ड एग्जाम के बाद मेरी छुट्टियां चल रही थी। मैने कई दिन पहले सुन रखा था कि बाजू वाला घर किराए पर चला गया है और जल्दी ही कोई वहां शिफ्ट होने वाला है।
एक दिन मै बाहर क्रिकेट खेल रहा था कि तभी एक टेम्पो सामान लेकर आया हम सब लड़के समझ गए कि नए किरायेदार आ गए हैं। हमने ध्यान नहीं दिया और खेलने लगे। तभी उसके पीछे से एक कार आकर रूकी हमारा खेलना बंद हो गया क्युकी सब उस कार को देख रहे थे।
तभी उसमें से उतरी लाल साड़ी में लिपटी हुई एक बेहद सुंदर औरत जो बला की खूबसूरत थी, वह एकदम गोरी, और चिकनी थी, स्किन पर गजब का ग्लो था। लंबे घने बाल और ऊपर से बड़ी बड़ी आंखें थी उसकी हाइट ५'८ थी और शरीर भरा हुआ, कमर पतली, लेकिन गान्ड और चूची बाहर निकले हुए थे। दोस्तों वह बिल्कुल अप्सरा दिख रही थी।
मेरी नजर उस पर से हट ही नहीं रही थी। ये मेरा पहला प्यार था। जो उसे देखते साथ हो गया था। मैने क्रिकेट छोड़कर दौड़ लगा कर घर पहुंच गया और मम्मी को बता दिया कि नए पड़ोसी आ गए हैं मिल लो उनसे।
मम्मी ने जाकर उनसे बात शुरू की उनको घर बुला लिया चाय पानी के लिए। घर पर उन्होंने बताया कि उनकी नई नवेली शादी हुई है और वो भैया का नाम रवि है और वो बैंक में काम करते हैं। जबकि भाभी का नाम रचना है और वो हाउस वाइफ हैं।
फिर शाम का खाना भी उन्होंने हमारे यहां खाया , और मै उन लोगों से काफी घुल मिल गया। बातों बातों में भैया ने बताया कि उनकी जॉब के काम से अक्सर उनको बाहर रहना पड़ता है तो हमारे रहने से उनको रचना की फिकर नहीं रहेगी।
अब मैं उनके घर आने जाने लगा , भाभी से खूब बात होने लगी, हंसी मजाक करने लगा। एक दिन भाभी ने मुझे बुलाया किसी काम से और बातों बातों में भाभी ने पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैने शरमा कर मना कर दिया। भाभी ने बोला तुम इतने हैंडसम हो तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।
मैने भी बोल दिया कि आपके जैसी सुंदर लड़की मिली ही नहीं। तो उन्होंने पूछा कि क्या मै सच में तुम्हे अच्छी लगती हूं?
मैने कहा भाभी आप बहुत सुंदर हो। उन्होंने कहा लेकिन तुम्हारे भैया को तो मै अच्छी नहीं लगती।
मैने हिम्मत करके बोल दिया कि भाभी आप मेरा क्रश हो जबसे आपको देखा है आपका दीवाना हो गया हूं कसम से।
ये सुनकर भाभी शरमा सी गई और अंदर चली गई। मै भी बापस लौट आया। फिर कुछ दिन भाभी ने मुझसे बात नहीं की मै बेचैन सा हो रहा था।
शेष अगले भाग में-
दोस्तों कहानी का दूसरा भाग लेकर जल्दी आऊंगा। आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि अगर कहानी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों से शेयर कीजिए और ऐसी सच्ची कहानी के लिए हमें फॉलो करें।
धन्यवाद
दोस्तों बात उस समय की है जब मेरी उम्र १८ साल थी। मै देखने में सीधा लड़का था, दुबला , लंबा लेकिन स्मार्ट था, मेरी आदत थी कि मै सबसे जल्दी घुल मिल जाता था और मिलनसार था, हमारी कॉलोनी में आने का एक ही रास्ता था और मेरे बाजू वाला घर खाली था।बोर्ड एग्जाम के बाद मेरी छुट्टियां चल रही थी। मैने कई दिन पहले सुन रखा था कि बाजू वाला घर किराए पर चला गया है और जल्दी ही कोई वहां शिफ्ट होने वाला है।
एक दिन मै बाहर क्रिकेट खेल रहा था कि तभी एक टेम्पो सामान लेकर आया हम सब लड़के समझ गए कि नए किरायेदार आ गए हैं। हमने ध्यान नहीं दिया और खेलने लगे। तभी उसके पीछे से एक कार आकर रूकी हमारा खेलना बंद हो गया क्युकी सब उस कार को देख रहे थे।
तभी उसमें से उतरी लाल साड़ी में लिपटी हुई एक बेहद सुंदर औरत जो बला की खूबसूरत थी, वह एकदम गोरी, और चिकनी थी, स्किन पर गजब का ग्लो था। लंबे घने बाल और ऊपर से बड़ी बड़ी आंखें थी उसकी हाइट ५'८ थी और शरीर भरा हुआ, कमर पतली, लेकिन गान्ड और चूची बाहर निकले हुए थे। दोस्तों वह बिल्कुल अप्सरा दिख रही थी।
मेरी नजर उस पर से हट ही नहीं रही थी। ये मेरा पहला प्यार था। जो उसे देखते साथ हो गया था। मैने क्रिकेट छोड़कर दौड़ लगा कर घर पहुंच गया और मम्मी को बता दिया कि नए पड़ोसी आ गए हैं मिल लो उनसे।
मम्मी ने जाकर उनसे बात शुरू की उनको घर बुला लिया चाय पानी के लिए। घर पर उन्होंने बताया कि उनकी नई नवेली शादी हुई है और वो भैया का नाम रवि है और वो बैंक में काम करते हैं। जबकि भाभी का नाम रचना है और वो हाउस वाइफ हैं।
फिर शाम का खाना भी उन्होंने हमारे यहां खाया , और मै उन लोगों से काफी घुल मिल गया। बातों बातों में भैया ने बताया कि उनकी जॉब के काम से अक्सर उनको बाहर रहना पड़ता है तो हमारे रहने से उनको रचना की फिकर नहीं रहेगी।
अब मैं उनके घर आने जाने लगा , भाभी से खूब बात होने लगी, हंसी मजाक करने लगा। एक दिन भाभी ने मुझे बुलाया किसी काम से और बातों बातों में भाभी ने पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
मैने शरमा कर मना कर दिया। भाभी ने बोला तुम इतने हैंडसम हो तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।
मैने भी बोल दिया कि आपके जैसी सुंदर लड़की मिली ही नहीं। तो उन्होंने पूछा कि क्या मै सच में तुम्हे अच्छी लगती हूं?
मैने कहा भाभी आप बहुत सुंदर हो। उन्होंने कहा लेकिन तुम्हारे भैया को तो मै अच्छी नहीं लगती।
मैने हिम्मत करके बोल दिया कि भाभी आप मेरा क्रश हो जबसे आपको देखा है आपका दीवाना हो गया हूं कसम से।
ये सुनकर भाभी शरमा सी गई और अंदर चली गई। मै भी बापस लौट आया। फिर कुछ दिन भाभी ने मुझसे बात नहीं की मै बेचैन सा हो रहा था।
शेष अगले भाग में-
दोस्तों कहानी का दूसरा भाग लेकर जल्दी आऊंगा। आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध है कि अगर कहानी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों से शेयर कीजिए और ऐसी सच्ची कहानी के लिए हमें फॉलो करें।
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Wow
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